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    15/1/2026   Thursday
आ सुन , ये आँसू क्या कह रहे हैं ? सुनना कैसा , देख न रहा हूँ दिल हल्का कर रहे हैं , दिल बहला रहे हैं | - भाव - 247

भाई-दर --

भाई - तुझे अपनी कथा भायी | बहन - बह न, देखती क्या है ? डूबने की कथा छोड़ | प्रभु वाले डूबते नहीं , डूबते हैं शरीर वाले ||
भक्ति की चेतावनी- 54

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  • नया जीवन नया पाठ | नहीं , एक बार फिर दुहराया तो नया पाठ | - भक्ति - 3
  • पुराण यदि पुराना तो नया क्या है ? न या न वा | नया कुछ और है जो नित नवीन नित्य प्राचीन | - ज्ञान की चेतावनी - 79
  • युग बीते , योग बदलते गए| तुम्हारा प्यार आज भी नवीन रूप में स्थित है| धन्य तुम्हारा प्रेम | - भाव - 110
  • पुराना - पुराण पुराना , वेद पुराना | फिर नया ? न या , यह नहीं - कुछ नहीं | - ज्ञान की चेतावनी - 143
  • अनुभूति कैसी ? मन की एक झंकार जो बार - बार बजी और नवीन सृष्टि सजी ? - ज्ञान - 189
  • नस नस में वह रस है जिसे काल कवलित न कर सका | अमर का पुत्र अमर , वस्त्र फटा नवीन आया | - ज्ञान - 216
  • नया - कैसा नया ? न या न वा फिर कैसा नया | न प्रकृति नयी न पुरुष नया | न तू नया और न मैं नया | न यह दुनिया नयी और न ये विचार नये | फिर नये की कहानी कैसी ? - ज्ञान - 325
  • मानव तू नव नहीं , चिर पुरातन है | - भक्ति की चेतावनी - 335
  • यह यान नया ? नहीं- । यह गाथा ? नहीं । यह संसार ? नहीं | नया - न यह न वह | सभी पुरातन है | - भक्ति की चेतावनी - 349
  • मानव - मान नव - नित्य नवीन | मान अभिमान करना सीखा , अब कुछ नम्र होना सीख । - चेतावनी - 419
  • सदा चाहा नया - नया | कभी न कहा न आ न आ | - चेतावनी - 659
  • मरूभूमि का वासी क्यों ? तरू भूमि सदा ताजा | आज भी आ जा आज भी आ जा | - चेतावनी - 660
  • जड़ है तो सड़ | लड़ विचार जगत से | झड़ पतझड़ ही देखता आया | कहता आया बस अन्त आया | कभी न कहा जीवन में नव बसन्त आया | - चेतावनी - 693
  • दिल में नया रंग , आँखों में नई ज्योति , जीवन के नये कार्य , किसके बल पर ? बलदेव यह तेरा ही बल है | - भक्ति - 709
  • खून का बलबला था जब दुनिया अच्छी लगती थी , ठंडा पड़ा , नीरस हुई किन्तु मन ? यह तो नित्य नूतन है , नव तन नूतन | ये तो पुराने वस्त्र हैं जिन्हें धो कर भी मैल साफ न कर सका | क्यों ? यह दिल से पूछो | - ज्ञान की चेतावनी - 735
  • मानव है इसलिए मान करता है , अभिमान करता है | मानव तू नव नहीं , चिर पुरातन है अभिमान न कर | - ज्ञान की चेतावनी - 824
  • प्रिय की बातें प्रिय , यह तो पुरानी बात है | आज नवीन युग में भी प्रिय प्रिय है , उसमें हेर - फेर नहीं | - भक्ति - 828
  • ताजा जाता रहा , बासी , वासी बन गया | अब आकर्षण कहाँ ? सत्य न ताजा न बासी , सदा सर्वत्र वासी , अब क्यों उदासी ? - ज्ञान की चेतावनी - 891
  • चिन्ता को चिता पर रख | नवीन जीवन तेरी प्रतीक्षा कर रहा है | - भक्ति की चेतावनी - 1252
  • प्रथम दर्शन यदि हृदय स्पर्श न कर सका तो दर्शन की अभिलाषा कुंठित | प्रथम दर्शन यदि मन हर्षित कर सका तो नव जागरण आरम्भ | - भक्ति - 1597
आगामी उत्सव ( 3 महीना )
कोलकाता, श्री सत्संग सदन का वार्षिकोत्सव (उदघाटन-बसंत पंचमी -1962) (नींव पूजन समारोह रामनवमी)   -   माघ सुदी पंचमी (बसंत पंचमी)
23/01/2026 - शुक्रवार - कोलकाता -
चुरू, आनन्दघन भाव कुटीर का वार्षिकोत्सव (उदघाटन-05/04/2004)   -   चैत्र सुदी पूर्णिमा
04/02/2026 - गुरूवार - चुरू, -
कानपूर,सन्त श्री नन्दलाल आध्यात्मिक केंन्द्र (उदघाटन-28/02/2017)   -   फाल्गुन सुदी दूज (फलरिया दूज) 
19/02/2026 - गुरूवार - कानपूर -
काठमांडू, श्री महिला सत्संग निकेतन का वार्षिकोत्सव (उदघाटन-1974)   -   फाल्गुन सुदी दूज (फलरिया दूज) 
19/02/2026 - गुरूवार - काठमांडू -
नरहड़ श्री सत्संग भवन का वार्षिकोत्सव (उदघाटन-31/03/2006)     -   चैत्र सुदी दूज
20/03/2026 - शुक्रवार - नरहड़ -
सुजानगढ़, श्री भाव सत्संग सदन का वार्षिकोत्सव (उदघाटन-10/04/2008)   -   चैत्र सुदी पंचमी
23/03/2026 - शुक्रवार - सुजानगढ़, -
श्रीमती चंद्राणी अरोड़ा (बीबी जी) का (जन्म दिवस-12/04/1916)   -   चैत्र सुदी नवमी (रामनवमी)
27/03/2026 - शुक्रवार - कोलकाता -
पिलानी, श्री आनन्दघन सत्संग कुटीर का वार्षिकोत्सव (उदघाटन-22/04/2005)   -   चैत्र सुदी तेरस
31/03/2026 - मंगलवार - पिलानी -
आगामी उत्सव हिंदी तिथि के अनुसार दिये गयें है कृपया अंतिम जानकारी सबंधित सदनों से लें |(Year-2022-2023.) (Email :- info@bhavnirjharini.com)
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