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श्रावण की रिमझिम तो देखी | श्रवण की रिमझिम तो सुमधुर सत्यानुरागी ही लगाता है अमृतोपम शब्दों से | तेरा रस बरसाने वाला शायद तेरस को ही धराधाम पर आया होगा |
- भाव - 425
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रस तेरा , तू तेरस वाला , मन तेरा तू सदा निराला |
- भक्ति - 1611
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आगामी उत्सव ( 3 महीना )
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आगामी उत्सव हिंदी तिथि के अनुसार दिये गयें है कृपया अंतिम जानकारी सबंधित सदनों से लें |(Year-2022-2023.)
(Email :- info@bhavnirjharini.com)
भाव निर्झरिणी (Help File-Click Download PDF)
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